Bihar News में खबर Bihar Teacher News से जुड़ी हुई। मीडिया में विभागीय फैसले के खिलाफ आवाज उठाने के मामले में शिक्षक को बर्खास्त करने की कार्रवाई तेज हो गई है। ऐसे में शिक्षक ने करारा जवाब दिया है। शिक्षक ने चुनौती दी है कि अब वह कोर्ट जाएंगे।
Bihar में Teacher पर एक्शन, बर्खास्त करने का नोटिस
यह मामला मुंगेर के हवेली खड़गपुर का है। हवेली खड़गपुर के प्रखंड विकास पदाधिकारी ने प्राथमिक विद्यालय कन्या केंदुआ के शिक्षक अमित कुमार विक्रम को नोटिस जारी किया था। अमित कुमार विक्रम शिक्षक नेता हैं और अक्सर विभाग के आदेशों के खिलाफ बोलकर सुर्खियों में बने रहते हैं। प्रखंड विकास पदाधिकारी ने पत्र जारी करते हुए कहा था कि जिला शिक्षा पदाधिकारी मुंगेर के पत्रांक 721 के निर्देशानुसार आपके द्वारा शिक्षक आचरण के विरुद्ध कार्य करने, विभागीय आदेश का विरोध करने और विभागीय आदेश के विरुद्ध मीडिया में बयानबाजी करने का आरोप गठित किया गया है। इन आरोपों पर जवाब देने के लिए शिक्षक अमित विक्रम को 24 घंटे की मोहलत दी गई है। स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं होने या स्पष्टीकरण समर्पित नहीं करने पर बिहार पंचायत प्रारंभिक विद्यालय सेवा नियमावली 2020 के तहत कार्रवाई करते हुए अमित विक्रम के खिलाफ बर्खास्तगी की अनुशंसा की जाएगी। इस नोटिस के बाद शिक्षक अमित विक्रम को बर्खास्त करने की तैयारी चल रही है। लिहाजा इस कार्रवाई पर शिक्षक अमित विक्रम ने विभाग को करारा जवाब दिया है।
स्पष्टीकरण का जवाब : हां भ्रष्टाचार व अनियमितता पर मैंने आवाज उठाई
प्रखंड विकास पदाधिकारी, हवेली खड़गपुर को स्पष्टीकरण का जवाब दे दिया गया है। इस जवाब में अमित विक्रम ने कहा है कि विद्यालयों के अवकाश तालिका में किए गए बदलाव के संबंध में मैंने मीडिया में बयान दिया और मेरा हर बयान तार्किक एवं विधि सम्मत है। पिछले एक वर्ष से लगातार विद्यालयों के अवकाश तालिका में बेवजह संशोधन किया जा रहा है, जिसका कोई तार्किक या व्यावहारिक कारण नहीं है। पिछले वर्ष भी विद्यालय को रक्षाबंधन के दिन खोल दिया गया था। इस बात का भी मैंने मीडिया में विरोध किया था। इस वर्ष होली के दौरान विद्यालय खुले थे। इसका भी मैंने विरोध किया था। शिक्षक अमित विक्रम ने कहा है कि गर्मी के दौरान जहां पूरे देश में स्कूल बंद थे। वहीं बिहार में लू से बच्चे बेहोश हो रहे थे। बच्चों की मौत हो गई। तब मैंने शिक्षा विभाग के फैसले का विरोध किया और मीडिया में बयान दिया। इतना ही नहीं, शिक्षक अमित विक्रम ने विभाग में एजेंसी एवं ठेकेदारों द्वारा कराए गए कार्यों में भ्रष्टाचार पर भी पर भी अपना स्टैंड साफ करते हुए लिखा है कि जो डेस्क बेंच के सप्लाई किए गए, वह मानव के अनुरूप नहीं हैं। योजनाओं में भ्रष्टाचार और अनियमितता व्याप्त है। इसके खिलाफ भी मैंने मीडिया में बयान दिए हैं। शिक्षक ने अपने जवाब में यह भी कहा है की बीपीएससी के माध्यम से दो चरणों में हुई बहाली में भी कई अनियमितताएं व्याप्त हैं, जिसे शिक्षा विभाग द्वारा स्वयं प्रमाणित भी किया जा चुका है। इसको लेकर भी मैंने मीडिया में आवाज उठाई थी। हालांकि मैं बगैर स्वीकृत अवकाश के कभी भी विद्यालय से अनुपस्थित नहीं रहा। मेरे द्वारा मीडिया में दिया गया कोई भी बयान झूठ या गैर तार्किक नहीं है। शिक्षक अमित विक्रम ने आरोप लगाया है कि अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी द्वारा की गई जांच की प्रति तक मुझे उपलब्ध नहीं कराई गई। ऐसा लगता है कि किसी दुर्भावना से ग्रसित होकर एक ही दिन जिला शिक्षा पदाधिकारी और अनुमंडल लोक शिकायत पदाधिकारी द्वारा मेरे विरुद्ध जांच की गई है।
यह हिटलरशाही है, हाई कोर्ट में देंगे चुनौती : अमित विक्रम
बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अमित विक्रम को सेवामुक्त करने की कार्यवाही शुरू कर दी गई है। अमित विक्रम ने कहा है कि इस प्रकार की कार्रवाई सरकार के विकृत मानसिकता का परिचायक है। यह पूर्णतः राजनीतिक विद्वेष के साथ साथ पूर्वाग्रह एवं दुराग्रह से ग्रसित है। अपने संवैधानिक मौलिक हक-ओ-हकूक की बात करने का अधिकार संविधान के द्वारा आर्टिकल-18 एवं 18A द्वारा बिहार सहित भारत के प्रत्येक नागरिक को प्रदत्त है। इस प्रकार की कार्रवाई लोकतंत्र पर करारा प्रहार है। बिहार में हिटलरशाही एवं अफसरशाही की सरकार चल रही है। उनके द्वारा विकृत मानसिकता से किया गया सेवामुक्त कार्रवाई को पटना उच्च न्यायालय में परिवाद दाखिल कर चुनौती दिया जायेगा।